Vantara

रॉयल बंगाल बाघिन ‘Bijli’ का Vantara एनिमल रेस्क्यू सेंटर में स्थानांतरण, उन्नत चिकित्सा के लिए

Vantara, गुजरात: छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर जंगल सफारी की आठ वर्षीय रॉयल बंगाल बाघिन Bijli को गुजरात के जामनगर स्थित Vantara Animal Rescue and Care Center में स्थानांतरित किया गया। बाघिन पिछले कई हफ्तों से बीमार थी और छत्तीसगढ़ में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाएँ उसकी गंभीर स्थिति को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थीं।

बीमारी के शुरुआती लक्षण

Bijli ने 22 अगस्त से सुस्ती और खाने में कमी जैसे लक्षण दिखाए। प्रारंभिक जांच में उसके रक्त और शारीरिक परीक्षण किए गए। ब्लड टेस्ट में creatinine और urea का स्तर बढ़ा पाया गया, जो गुर्दे की समस्या का संकेत देता है।

पेट की अल्ट्रासोनोग्राफी में हल्का hydronephrosis और संभावित pyelonephritis के लक्षण देखे गए। शुरुआती परीक्षण में hemoprotozoan infection की संभावना जताई गई, लेकिन PCR परीक्षण ने इसे खारिज कर दिया। समय पर लक्षणों की पहचान इस बात का संकेत है कि जंगली बाघिनों में गुर्दे और मूत्र मार्ग की समस्याएँ अगर सही समय पर इलाज न हो तो जानलेवा हो सकती हैं।

उन्नत चिकित्सा की आवश्यकता

वन्यजीव विशेषज्ञों और चिकित्सा समिति ने Bijli के लिए cystoscopy, endoscopy और advanced imaging की सिफारिश की। ये सुविधाएँ छत्तीसगढ़ में उपलब्ध नहीं थीं। इसलिए, उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उसे Vantara भेजा गया, जो जंगली जानवरों के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाओं वाला केंद्र है।

स्थानांतरण के दौरान Bijli के साथ वन्यजीव विशेषज्ञ और केयरटेकर की टीम रही, ताकि यात्रा के दौरान उसे सुरक्षा और कम से कम तनाव मिल सके।

Bijli के बच्चे सुरक्षित

Bijli के चार बच्चे हैं, जिनमें एक डेढ़ साल की मादा बाघिन भी शामिल है। सभी बच्चे छत्तीसगढ़ जंगल सफारी में सुरक्षित और स्वस्थ हैं। अधिकारियों ने कहा कि बच्चे पूरी तरह सामान्य स्थिति में हैं और निरंतर निगरानी में रखे गए हैं।

Bijli का इलाज पूरा होने के बाद उसे फिर से जंगल सफारी में वापस लाया जाएगा, जिससे परिवार फिर से एक साथ रहेगा।

छत्तीसगढ़ में वन्यजीव चिकित्सा की चुनौती

इस घटना ने छत्तीसगढ़ में उन्नत वन्यजीव चिकित्सा सुविधाओं की कमी को स्पष्ट कर दिया है। राज्य वन विभाग ने कहा कि भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों और बेहतर चिकित्सा केंद्रों की नियुक्ति पर विचार किया जा रहा है, ताकि जंगली जानवरों का इलाज समय पर किया जा सके और लंबी दूरी पर स्थानांतरण की आवश्यकता कम हो।

Vantara की भूमिका

Vantara Animal Rescue Center भारत में वन्यजीव चिकित्सा के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। यहां आधुनिक डायग्नोस्टिक और चिकित्सा उपकरणों के साथ विशेषज्ञ टीम उपलब्ध है, जो जटिल मामलों को संभाल सकती है।

Bijli का इलाज Vantara में सावधानीपूर्वक निगरानी, उन्नत इमेजिंग और जरूरत पड़ने पर चिकित्सीय हस्तक्षेप के माध्यम से किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर उपचार जंगली जानवरों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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भविष्य की योजना

Bijli का केस यह दर्शाता है कि वन्यजीवों के स्वास्थ्य के लिए सक्रिय और उन्नत चिकित्सा कितनी जरूरी है। Vantara और अन्य केंद्रों के साथ सहयोग से छत्तीसगढ़ में वन्यजीव चिकित्सा प्रणाली को बेहतर बनाया जा सकता है।

भविष्य की योजनाओं में शामिल हो सकते हैं:

  • छत्तीसगढ़ में वन्यजीव चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार
  • विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण
  • जंगली जानवरों के लिए आपातकालीन चिकित्सा प्रोटोकॉल
  • राज्यों के बीच वन्यजीव स्वास्थ्य सहयोग को मजबूत करना

इन कदमों से यह सुनिश्चित होगा कि जंगली जानवरों को समय पर और प्रभावी इलाज मिले।

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निष्कर्ष

रॉयल बंगाल बाघिन Bijli का Vantara Animal Rescue Center में स्थानांतरण यह दर्शाता है कि वन्यजीवों के लिए समय पर और विशेषज्ञ उपचार कितना महत्वपूर्ण है। इस पहल से न केवल Bijli की जान बचाई जा सकती है, बल्कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव चिकित्सा के सुधार की दिशा भी मजबूत होगी।

उन्नत चिकित्सा और निगरानी के साथ Bijli की रिकवरी प्रक्रिया जारी है, और उम्मीद है कि जल्द ही वह अपने बच्चों के साथ सुरक्षित रूप से जंगल सफारी लौट जाएगी।

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