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50 तेंदुए भेजे जाएंगे Vantara, नसबंदी का प्रस्ताव केंद्र सरकार को सौंपा गया: अजित पवार

Vantara: महाराष्ट्र सरकार ने पुणे ज़िले में लगातार बढ़ रहे तेंदुए हमलों को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घोषणा की है कि 50 तेंदुओं को गुजरात के Vantara प्रोजेक्ट में भेजा जाएगा, जहाँ उनकी सुरक्षित देखभाल और पुनर्वास किया जाएगा।

यह कदम उस समय उठाया गया है जब पिछले एक साल में ज़िले में 16 लोगों की जान तेंदुए के हमलों में जा चुकी है और यह समस्या राज्य के अन्य ज़िलों तक भी फैलने लगी है।

अजित पवार ने विधान भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि ज़िले के जुन्नार, अंबेगांव, शिरूर और खेड़ तालुका में तेंदुओं की नसबंदी योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि वैज्ञानिक तरीके से इस समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।

सुरक्षा और नियंत्रण के लिए 40 करोड़ रुपये की मंजूरी

उपमुख्यमंत्री पवार ने बताया कि जिला नियोजन समिति (DPC) ने तेंदुओं की निगरानी और सुरक्षा उपायों के लिए ₹40 करोड़ की निधि स्वीकृत की है। यह राशि उन उपकरणों और सामग्री की खरीद के लिए इस्तेमाल की जाएगी, जिनसे ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं के मूवमेंट पर नियंत्रण रखा जा सके।

पवार ने कहा, “हमारा उद्देश्य तेंदुओं को नुकसान पहुँचाना नहीं है, बल्कि इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना है। बढ़ती आबादी के कारण ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया है, इसलिए हमें ज़िम्मेदारी से काम करना होगा।”

मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चिंता का विषय

पुणे ज़िले के कई इलाकों में तेंदुओं की बढ़ती संख्या ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीर रूप दे दिया है। पिछले एक वर्ष में तेंदुए हमलों में 16 ग्रामीणों की मौत के बाद इस विषय पर राज्य सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

पूर्व मंत्री दिलीप वाल्से-पाटिल ने इस विषय पर तत्काल कदम उठाने की माँग की थी। उसी के बाद अजित पवार ने यह बैठक बुलाई और स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

केंद्र सरकार से सीधी बातचीत

बैठक के दौरान अजित पवार ने केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव से सीधे फोन पर बातचीत की और पुणे ज़िले के चार तालुकाओं में तेंदुओं की बढ़ती संख्या के बारे में अवगत कराया।

पवार ने बताया कि उस समय यादव ने तेंदुओं की नसबंदी से जुड़ा प्रस्ताव भेजने का सुझाव दिया, ताकि इसे वैज्ञानिक ढंग से लागू किया जा सके। इसी दिशा में अब महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव सौंप दिया है।

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गुजरात के Vantara प्रोजेक्ट में भेजे जाएंगे 50 तेंदुए

अजित पवार ने बताया कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि करीब 50 तेंदुओं को गुजरात स्थित Vantara प्रोजेक्ट में स्थानांतरित किया जाएगा। यह एक बड़ा वन्यजीव संरक्षण केंद्र है, जहाँ बचाए गए या अधिक संख्या वाले जंगली जानवरों को सुरक्षित और प्राकृतिक माहौल में रखा जाता है।

यह कदम न केवल ग्रामीणों में डर कम करेगा बल्कि तेंदुओं को भी बेहतर संरक्षण प्रदान करेगा। विशेषज्ञों की देखरेख में तेंदुओं को पकड़ने, ट्रांसपोर्ट करने और Vantara में शिफ्ट करने की पूरी प्रक्रिया की जाएगी।

संतुलन और संरक्षण की दिशा में पहल

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से हो रहे शहरीकरण और जंगलों के घटते क्षेत्र के कारण तेंदुए अब इंसानी बस्तियों के नज़दीक आ रहे हैं। इस वजह से संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

सरकार का मानना है कि नसबंदी कार्यक्रम (Sterilization Program) तेंदुओं की आबादी को नियंत्रित करने का मानवीय और वैज्ञानिक तरीका है, जिससे पारिस्थितिक संतुलन भी बना रहेगा।

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सरकार का लक्ष्य – इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा

अजित पवार ने कहा, “हमारा लक्ष्य दोनों पक्षों की सुरक्षा है — इंसानों की भी और वन्यजीवों की भी। हम डर के माहौल में नहीं जी सकते। इसलिए तेंदुओं को Vantara भेजना और नसबंदी योजना लागू करना एक स्थायी समाधान की दिशा में कदम है।”

राज्य सरकार ने वन विभाग को यह भी निर्देश दिया है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान चलाए जाएँ, ताकि लोग तेंदुओं के साथ संघर्ष से बचने के उपाय सीख सकें।

महाराष्ट्र सरकार को उम्मीद है कि Vantara प्रोजेक्ट, केंद्र सरकार के सहयोग, और स्थानीय समुदायों की जागरूकता के साथ यह पहल राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।

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